छत्तीसगढ़
मनरेगा को और शक्ति देकर बनाया गया प्रभावशाली "विकसित भारत-जी राम जी 2025"
Shantanu Roy
10 Jan 2026 8:03 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। सरकार ने ग्रामीण रोज़गार और आजीविका क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए “विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025” पेश किया है। यह विधेयक मनरेगा के ढांचे को आधुनिक और दीर्घकालिक विकास के लक्ष्यों के साथ संयोजित करता है। अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिन की गारंटीकृत रोजगार सुविधा प्राप्त होगी, जो पूर्व में उपलब्ध 100 दिन से अधिक है। यह कदम ग्रामीण आय सुरक्षा को मजबूत करने और किसानों तथा मजदूरों दोनों को लाभान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण है। विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक के माध्यम से यह विधेयक ग्रामीण पंचायत योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत करता है और स्थानीय स्तर पर विकेंद्रीकृत योजना निर्माण को सुदृढ़ करता है। चार प्राथमिकता वाले कार्यक्षेत्र जल-संरक्षण, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा और मौसम/जलवायु अनुकूल कार्य के माध्यम से रोजगार सृजन को स्थायी और उत्पादक परियोजनाओं से जोड़ा गया है।
विधेयक के तहत रोजगार भुगतान डिजिटल माध्यम से 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही श्रमिकों को अनिवार्य बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा। बुवाई और कटाई के व्यस्त मौसम में कुल 60 दिन का नो-वर्क पीरियड रखा गया है, जिससे किसानों और मजदूरों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। पंचायतों को योजना निर्माण और निगरानी में सक्रिय भागीदारी दी गई है। केंद्रीय और राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषदें नीतिगत मार्गदर्शन और कार्यान्वयन की समीक्षा करती हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक और कार्यक्रम अधिकारी योजना निर्माण, अनुपालन और सामाजिक लेखा-परिशोधन सुनिश्चित करेंगे। जीपीएस और मोबाइल आधारित निगरानी के माध्यम से कार्यों की तत्काल ट्रैकिंग होगी, जबकि हर छह महीने में सामाजिक लेखा-परिशोधन के जरिये समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
वित्तीय दृष्टि से, कुल अनुमानित वार्षिक आवश्यकता 1,51,282 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों का योगदान शामिल है। केंद्र-राज्य खर्च साझा अनुपात में संशोधन (60:40 मानक, पूर्वोत्तर/हिमालयी 90:10, केंद्र शासित प्रदेश 100%) से राज्य पर अनावश्यक वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। यह नया ढांचा रोजगार सृजन को उत्पादक परिसंपत्ति निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर घरेलू आय बढ़ाएगा। विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय और राज्य संचालन समितियों द्वारा साप्ताहिक और त्वरित सार्वजनिक घोषणाएं, डेटा-आधारित निगरानी और सामाजिक लेखा-परिशोधन की व्यवस्था की गई है। यह ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों को अधिक पेशेवर, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सक्षम बनाता है। इस विधेयक के लागू होने से ग्रामीण आजीविका, जल-संरक्षण, कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में सुधार होगा, रोजगार में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही, यह विधेयक ग्रामीण भारत को विकसित भारत 2047 के विजन के साथ जोड़ता है और व्यापक सामाजिक सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता के माध्यम से ग्रामीण जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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